Top News

सोनबरसा में “मृत घोषित” वृद्धा फिर हुई जीवित दर्ज, डीएम Richi Pandey के हस्तक्षेप के बाद बहाल हुआ पेंशन

सोनबरसा (सीतामढ़ी):



प्रखंड क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चक्की-मयूरवा पंचायत की रहने वाली वृद्ध महिला फूलकुमारी देवी को रिकॉर्ड में मृत दिखा दिए जाने के कारण उनका वृद्धा पेंशन बंद हो गया था। जीवित होने के बावजूद सरकारी कागज़ों में “मृत” दर्ज होने से उन्हें महीनों तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय स्तर पर शिकायतें किए जाने के बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुँचा। इस पर सीतामढ़ी के जिलाधिकारी Richi Pandey के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में महिला के जीवित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उनका नाम पुनः सक्रिय किया गया और बकाया राशि सहित दो माह का वृद्धा पेंशन भुगतान कर दिया गया।
“जीवित रहते ही मार दिया गया था”



फूलकुमारी देवी का कहना है कि पंचायत स्तर पर हुई गलती के कारण उन्हें जीवित रहते मृत घोषित कर दिया गया था।
उनके अनुसार:
“हमें जिंदा रहते ही कागज़ पर मार दिया गया था। डीएम साहब ने हमें फिर से जिंदा करवा दिया। अब पेंशन मिल गया है।”
उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी एक ही इच्छा है — वे जिलाधिकारी को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर धन्यवाद देना चाहती हैं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में त्रुटियों के कारण जरूरतमंदों को परेशानी झेलनी पड़ती है, इसलिए ऐसी गलतियों की नियमित समीक्षा और सुधार आवश्यक है।
प्रशासन से अपील
ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत स्तर पर लाभार्थियों के रिकॉर्ड का समय-समय पर सत्यापन किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं से वंचित न होना पड़े।


Sonbarsa LIVE नागरिकों से अपील करता है कि यदि किसी सरकारी योजना का लाभ गलत कारणों से बंद हो गया हो, तो संबंधित विभाग या जिला प्रशासन को तुरंत सूचित करें।


Post a Comment

और नया पुराने